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UGC नेट दो परीक्षा एक साथ करा कर फंसा

UGC नेट दो परीक्षा एक साथ करा कर फंसा

 UGC , प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा के पिछले सप्ताह जारी हुआ परीक्षा परिणाम से परीक्षार्थियों में रोष का माहौल बना हुआ है। यूजीसी के द्वारा कोविड-19 के कारण नेट की परीक्षा को वर्ष में दो बार की जगह एक ही बार कराया गया और परिणाम प्रत्येक 6 माह में आयोजित होने वाले मानक के आधार पर परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया गया जिसके वजह से बड़ी संख्या में परीक्षार्थी छट कर बाहर हो गए। 
यूजीसी नेट की तैयारी में अंग्रेजी विषय के अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं अंग्रेजी साहित्य के लेखक और दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर विनीत पाण्डेय ने बताया कि इस बार परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और उनके द्वारा भरे जाने वाले 4 परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर के केंद्रों पर भी उन्हें पेपर देने जाना पड़ा ।ऑनलाइन में होने वाले इस परीक्षा के लिए खराब कंप्यूटर सेट की वजह से अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ा जो उनके लिए एक बड़ी समस्या रही । विषय विशेषज्ञ के द्वारा बताया गया कि यूजीसी के द्वारा नेट में शामिल होने वाले परीक्षार्थी में से 6% को नेट और 1% को जेआरएफ उत्तीर्ण कराने का नियम है कोविड के कारण दिसंबर 2020 का आयोजन नहीं कराया गया और इसको जून 2021 के परीक्षा के साथ सम्मिलित किया गया था। दोनों परीक्षा को मिलाकर रजिस्ट्रेशन करने वाले परीक्षार्थियों की संख्या 1266509 हो गई थी इनमें से 671288 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए । अंग्रेजी साहित्य के लेखक और प्रोफेसर विनीत पांडे ने बताया कि यूजीसी द्वारा जारी परिणाम में अंग्रेजी विषय के केवल 4.79 प्रतिशत परीक्षार्थी को सफल घोषित किया गया जबकि दो परीक्षा एक साथ होने से यह प्रतिशत बढ़ाकर 12% करने की मांग परीक्षार्थी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि देश भर के नेट की तैयारी करने वाले विद्यार्थी नेट के लिए 12% और जेआरएफ के लिए 2% परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण करने की मांग कर रहे हैं उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्रालय से दखल देकर परीक्षार्थियों के हित को सुरक्षित करने की मांग की।

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